हल्दी वाला दूध

बचपन में जब सर्दी ज़ुकाम होता था या चोट लग जाती थी तो दादी नानी या माँ हल्दी वाला दूध पिलाया करती थी और अब तो ये मेरी आदत में शुमार हो चुका है। हल्दी वाला दूध जिसे गोल्डन मिल्क भी कहते हैं। इसमें ऐसी बहुत साडी खूबियां होती हैं जो हमें सेहतमंद बनती हैं। हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी वायरल, एंटी बायोटिक, एंटी फंगल और एंटी इंफ्लेमटरी गुड़ होते हैं। ये प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, विटामिन ई , विटामिन के, पोटैशियम, कैल्शियम, ताम्बे, आयरन, मैग्नीशियम और जस्ता जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है। दूध पोषक तत्वों का एक अद्वितीय संतुलन प्रदान करता है। राष्ट्रीय डेरी परिषद् के अनुसार दूध में ९ आवश्यक पोषक तत्त्व कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन ए, डी और बी १२ जैसे पोषक तत्त्व पाए जाते हैं। इन दोनों को अगर मिला दिया जाये तो ये सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं। आइये जानते हैं हल्दी वाला दूध पीने से हमे क्या लाभ होता है और इसे किस तरह बनाया जाता है।

हल्दी वाले दूध में एंटी बायोटिक्स होता है जब कभी सर्दी ज़ुकाम या गले में खराश हो तो एक ग्लास हल्दी वाला दूध पियें।
हल्दी वाला दूध हड्डियों को मज़बूत बनाता है। घुटने का दर्द, आर्थराइटिस या बोन फ्रैक्चर हो तो इसका सेवन लाभ पहुँचाता है।
गहरी और अच्छी नींद के लिए रोज़ाना सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करें।
हल्दी वाला दूध ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद करता है। हलकी चोट लगने पर, मोच आने पर या किसी भी तरह के दर्द से राहत के लिए इसका सेवन लाभकारी है।
पीरियड्स के दर्द में हल्दी वाला दूध का सेवन आराम पहुँचाता है।
हल्दी में एंटी सेप्टिक और एंटी बैक्टीरियल गुड़ होते हैं जिससे त्वचा में निखार आता है।
हल्दी वाले दूध के सेवन से एसिडिटी, कब्ज़ की शिकायत नहीं होती है जिससे डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रहता है।

हल्दी दूध बनाने की विधि
आवश्यक सामग्री :
१ ग्लास दूध
१/४ स्पून हल्दी पाउडर
१ स्पून शहद
बनाने की विधि : एक बर्तन में दूध डालकर गरम करें। उबाल आने के बाद धीमा करें हल्दी पाउडर डालें और ५ मिनट तक पकाएं। गैस बंद करें। ग्लास में निकालें और शहद मिलाएं। गरम पियें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *